Wednesday, August 25, 2010

Simdega : मोहब्बत है क्या चीज! ( love )


दुनिया में सभी प्रेम करते हैं, पर बहुत ही कम लोग हुए हैं, जिन्होंने प्यार को ठीक तरह से समझा है। जिन्होंने समझा, उन्होंने अपने प्यार को नया आयाम दिया और उसे दुनिया के सामने आदर्श बनाकर प्रस्तुत किया। आज के दौर में प्यार फैशन की तरह हो गया है और हर कहीं आपको ऐसे प्रेमी युगल मिल जाएंगे जो दुनिया वालों के तमाम उसूल और रीति-रिवाज ताक में रखकर एक-दूसरे को प्रेम करते हैं। पर क्या सभी प्रेमी अपने साथी के साथ प्रेम की तीव्रता बनाए रखते हैं या वक्त की दीमक उनके प्रेम को खोखला कर देती है। प्रेम इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि लैला-मजनूं, हीर-राझा, सोहनी-महिवाल आदि सभी ने प्रेम क्षेत्र में झडे गाड़े, पर प्रेम की निश्चित परिभाषा कोई न दे पाया।
ऐसा शायद इसलिए भी हुआ कि ये लोग प्रेम की महान अनुभूति से ओत-प्रोत थे, इसलिए ये उसे निश्चित शब्दों में बांधना नहीं चाहते थे। वे प्रेम के असीम अहसास को सिर्फ महसूस करना चाहते थे। प्यार का जन्म कब और कहां हुआ, यह कहना मुश्किल है। पहले-पहल इसका आम जीवन से कोई ताल्लुक नहीं था, राजा-रानियों की प्रेम कथाओं में इसका हल्का-फुल्का जिक्र होता था। फिर लिखित साहित्य आया। उसके बाद फिल्मों में रोमास के हर पहलू का खुलकर फिल्माकन किया गया।
दूसरी तरफ आधुनिक रोमास की गति इतनी तेज है कि प्रेमी युगल के पास उसे महसूस करने के लिए, उन क्षणों को जीने के लिए समय ही नहीं है। आज का हाईटेक रोमास हर प्रेमी युगल पर हावी है, जो ई-मेल, चैटिंग और एसएमएस तक सीमित दिखाई देता है। आज रोमास को समय और दूरी का मुंह नहीं ताकना पड़ता।
अब रोमास का स्थान डिस्को, पार्टियों, डेटिंग आदि ने ले लिया है, जहा शोर-शराबे और सेक्स के बीच इच्छाएं-कामनाएं पहले ही खत्म हो जाती हैं।
प्यार का सही अर्थ कहीं खो गया है
समाजशास्त्री ज्ञानेंद्र गौतम का कहना है कि प्यार का सही अर्थ कहीं खो गया है और जिस तरह का प्यार इन दिनों देखने को मिल रहा है उसमें प्यार कम और एक-दूसरे से कुछ पा लेने की लालसा अधिक दिखाई देती है। ऐसा तब होता है जब आप दुखी, कुंठित या परेशान अधिक रहते है। अपनी परेशानी को बांटने का यह तरीका एक से अधिक प्रेम संबंध बनाने का माध्यम बनता है। वैसे भी ऐसे प्रेम संबंधों की इन दिनों कमी नहीं जिसमें एक से अधिक लोगों से संबंध स्थापित कर लेना आम बात हो गई है।
आचार्य रजनीश 'ओशो' के अनुसार, कुदरत का अनमोल तोहफा है प्रेम, 'पुरुष, प्यार अक्सर और थोड़ा करता है, किंतु स्त्री, प्यार सौभाग्य से और स्थायी करती है।'
वहीं मीर तकी मीर का कहना है कि प्यार की कोई हद नहीं होती, 'जिस प्यार में प्यार करने की कोई हद नहीं होती और किसी तरह का पछतावा भी नहीं होता, वही उसका सच्चा रूप है।'
खलील जिब्रान ने कहा था कि मैंने तो खूब किया दुनिया से प्रेम, 'खूब किया मैंने दुनिया से प्रेम और मुझसे दुनिया ने, तभी तो मेरी मुस्कराहट उसके होंठों पर थी और उसके सभी आंसू मेरी आंखों में।'
वहीं शेक्सपीयर ने कहा था कि प्रेम हृदय से देखता है, 'प्रेम आंखों से नहीं हृदय से देखता है, इसीलिए प्रेम को अंधा कहा गया है।'

Monday, August 23, 2010

Simdega : धूमधाम से मनाया रामरेखा बाबा का जन्मोत्सव



सिमडेगा। ब्रह्मलीन संत रामरेखा बाबा के 116वें जन्मदिन के मौके पर श्रद्धालुओं ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किये। अग्रसेन चौक पर स्थित रोहिल्ला आवास के सामने आयोजित बाबा के जन्मोत्सव में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में दीप लेकर बाबा की आरती उतारी और उन्हें नमन किया। पंडित वासुदेव गौतम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत बाबा की पूजा अर्चना की। इस मौके पर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल सपत्नीक यजमान के रूप में बैठे। श्रद्धालुओं ने कहा कि ब्रह्मलीन होने के बाद भी बाबा उनके बीच हैं तथा उनके सानिध्य में जीवन भक्तिमय रहता है। श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा की बातें और उनकी बाल सुलभ मुस्कान उन्हें बहुत याद आती है तथा ब्रह्मलीन संत उनके हृदय में निवास करते हैं। जन्मोत्सव कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच खीर-बुंदिया का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में रामनारायण सिंह रोहिल्ला, शंकर लाल अग्रवाल, शीतल प्रसाद,मधुसूदन सिंह, नपं के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष कुमार, प्रह्लाद केशरी, मनोज जैन, वेदप्रकाश नागवान, विनोद अग्रवाल, गुप्ता बैग वाले, कौशल किशोर रोहिल्ला, योगेन्द्र रोहिल्ला,सत्येन्द्र रोहिल्ला, लाला शर्मा, सुरेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Saturday, August 14, 2010

Simdega : किसकी आजादी, किसका जश्न

नई दिल्ली  [ जगमोहन ]

प्रथम स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने दृढ़ प्रतिज्ञा लेते हुए यह घोषणा की थी कि हम निश्चय ही एक शक्तिशाली भारत का निर्माण करेंगे। यह भारत न केवल विचारों में, कार्यो में और संस्कृति में शक्तिशाली होगा, बल्कि मानवता की सेवा के मामले में भी आगे होगा। लेकिन क्या हम ऐसा सचमुच कर पाए? क्या हमने एक ऐसे भारत का निर्माण नहीं किया है, जो विचारों में सतही, कार्यो में अकुशल, संस्कृति में उथला और मानवता की सेवा में कमजोर है?
14-15 अगस्त की अ‌र्द्धरात्रि में अपने ऐतिहासिक भाषण में नेहरू ने भरपूर जोश के साथ अपने काव्यात्मक अंदाज में कहा, 'मध्यरात्रि की इस बेला में, जबकि पूरा विश्व सोया हुआ है, भारत स्वतंत्रता और नए जीवन के लिए जगेगा। यह एक ऐसा क्षण है, जो इतिहास में बहुत ही दुर्लभ होता है। यह एक ऐसा क्षण है, जब हम पुराने से नए में प्रवेश कर रहे हैं। यह एक नए युग का आरंभ है। यह एक ऐसा समय है, जब वर्षो से दमित राष्ट्र की आत्मा फिर से जागने जा रही है।' परंतु भारत क्या वास्तव में जगा और अपनी आत्मा को नई अभिव्यक्ति दे सका? क्या यह सच नहीं है कि जगी हुई भारत की आत्मा को फिर से सुला दिया गया और इस पर दमन की और परतें चढ़ा दी गई?
हमने अपने लिए एक संविधान का निर्माण किया और भारत में संप्रभुतासंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य की धारणा को स्थापित किया गया। परंतु यहां लोकतांत्रिक गणराज्य की बजाय वंशवादी प्रभुत्व है, संप्रभुता का उपयोग विधायिका में चुने गए अपराधी कर रहे हैं और इसी तरह पंथनिरपेक्षता का व्यावहारिक उपयोग जाति और समूह के आधार पर राजनीतिक निर्णयों में देखा जा सकता है। इसी तरह समाजवाद की धारणा आज उच्चतम आय यानी असमानता का कारण बन रही है?
हमारे राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के नीचे सत्यमेव जयते यानी सत्य की ही विजय होती है, लिखा हुआ है। आखिर क्या वजह है कि असत्य का साम्राज्य फैला हुआ है और लोगों पर लग रहे कलंक और झूठ को लेकर बहसें हो रही हैं? झंडे में बना चक्र हमारी प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है, लेकिन क्या हम आज अपनी प्राचीन संस्कृति की जड़ों पर ध्यान दे रहे हैं?
देश का सर्वोच्च पद भी स्वार्थ से प्रेरित अनैतिक राजनीति का शिकार बन चुका है। लोकतंत्र के इस सर्वोच्च पद पर भी राजनीतिक शिकंजा कसता नजर आ रहा है। हत्या, अपहरण, अवैध गतिविधियों में लिप्त आज लोकतंत्र के सम्मानित सासद, विधायक हैं। जेल में बंद हैं, फिर भी सासद हैं। जो जंगल में घूम रहे हैं, वे संसद में दिख रहे हैं। आखिर आजादी के बाद उभरे इस तरह के परिदृश्य के लिए कौन जिम्मेवार है?
अब प्रश्न यह उठता है कि क्या देश के इन्हीं हालातों के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानिया दी? इस तरह के उभरते हालातों पर आज मंथन करने की विशेष जरूरत है। वर्ष 1857 से लेकर 9 अगस्त 1947 के मध्य छिड़ी आजादी की जंग पर एक नजर डालें, जहा देश की आजादी के लिए अनोखी जंग छिड़ गई थी। एक तरफ अंग्रेजों को छक्के छुड़ाने वाली लक्ष्मी बाई तो दूसरी ओर जीवन के अंतिम पड़ाव पर पड़े बूढ़े शेर बाबू कुंवर सिंह के बाजुओं की ताकत के आगे निढाल पड़ी अंग्रेजी हुकूमत।
साथ ही साथ देश भक्ति में सराबोर हुए आजादी के दीवानों का जत्था, जिनकी कुर्बानियों के आगे अंग्रेजी हुकूमत को यहा से बिदा होना पड़ा।
हम याद करें, मंगल पाडे की कहानी, जिन्होंने निस्स्वार्थ भाव से अंग्रेजों के विरूद्ध अलख जगाकर आजादी की जंग छेड़ दी। राम प्रसाद विस्मिल, भगत सिंह, आजाद आदि के त्याग एवं बलिदान की कहानी को इतना जल्दी कैसे भूल गए? आज गाधी, बाल गंगाधर तिलक, के साथ-साथ देश की आजादी की जंग में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अनेक गुमनाम शहीद हर भारतीय से पूछ रहे हैं, क्या भारत के इसी स्वरूप के लिए हम सबने बलिदान दिया?

Thursday, August 12, 2010

Simdega : सावन तीज महोत्सव का आयोजन

अग्रवाल महिला समिति के तत्वावधान में गुरुवार को आनंद भवन में सावन तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। तीज महोत्सव में महिलाओं के मनोरंजन के लिये सावन झूले का निर्माण किया गया था। तीज महोत्सव में महिला समिति के द्वारा कैंटीन एवं अन्य स्टॉल भी सजाया गया था। कैंटीनों में बने जायकेदार व्यंजनों का महिलाओं ने जमकर लुत्फ उठाया। तीज महोत्सव के मौके पर समिति द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में सावन रानी, सावन राजकुमारी, फैंसी ड्रेस एवं मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया एवं विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। अरूणा शर्मा को सावन की रानी, खुशबू बंसल को सावन राजकुमारी का खिताब तथा सुनिता बामलिया को मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मिला। हर्ष बंसल को फैंसी ड्रेस में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। महोत्सव को सफल बनाने में महिला समिति के सदस्यों का योगदान रहा।

Sunday, August 8, 2010

Simdega : पीर की मजार पर शांति व सौहार्द की दुआएं मांगी

कोलेबिरा (सिमडेगा)। कोलेबिरा थाना परिसर में स्थित हजरत अंजान शाह पीर बाबा के मजार पर आयोजित दो दिवसीय उर्स शरीफ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। झारखंड, उड़ीसा व छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने बाबा के मजार पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं। साथ ही कोलेबिरा अंजुमन की ओर से सदर व सचिव ने चादरपोशी कर जिले में शांति और सौहार्द की दुआएं मांगी। इधर रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: में सलातो सलाम के साथ हुआ। इसके बाद गुल का छिठा का भी आयोजन किया गया। इधर दो दिनों में काफी संख्या में लोग पहुंचे और दुआएं मांगीं। मजार के खादिम बारिक हसन सिद्दिकी की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम के सफल आयोजन में शहजाद, मिन्हाज, मेराज, हैदर अली, सरवर, मेहंदी, हसन, अजीमुद्दीन आदि का योगदान रहा।

Simdega : धूम धड़ाके के साथ निकली भोले बाबा की बारात

सिमडेगा। रविवार को जिला मुख्यालय में शिवरात्रि के मौके पर भक्तों ने भोले बाबा की बरात निकाली एवं शिव विवाह का आयोजन रामजानकी मंदिर में किया। शिव बारात में शामिल बारातियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग नाचते-गाते चल रहे थे। शाम सात बजे महावीर मंदिर से निकली बारात एसबीआई पथ होते हुए रामजानकी मंदिर पहुंची। गाजे-बाजे के साथ मंदिर में बारात पहुंचने के बाद यहां भोले बाबा का विवाह पार्वती के साथ हुआ। शिव का रूप धारण किये नटवर अग्रवाल ने पार्वती बनी अपनी धर्मपत्नी के गले में जब माला डाला तो मंदिर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शिव पार्वती का श्रृंगार ऋषि बोंदिया व प्रदीप मित्तल की टीम ने किया था। कार्यक्रम में भक्तों को प्रसाद वितरण भी हुआ। महाआरती में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रामजानकी मंदिर के पुजारी वासुदेव गौतम की अगुवाई में हुए कार्यक्रम में ओमप्रकाश शर्मा, प्रदीप शर्मा, लल्लू, बल्लू शर्मा, बजरंग बंसल, पवन अग्रवाल, पिंकुल अग्रवाल, महेश वर्मा, विनोद अग्रवाल, नरेश माजरिया, विनीत मित्तल, रवि गोयल सहित भक्तों का योगदान रहा। इधर शिवरात्रि के मौके पर सुबह से ही शिवमंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने मंदिरों मे जल अर्पित किया।

Friday, August 6, 2010

Simdega : हजारों श्रद्धालुओं ने रामरेखा बाबा की समाधि पर माथा टेका


सिमडेगा। ब्रह्मलीन संत पूज्य प्रपन्नाचार्य जी महाराज रामरेखा बाबा की तीसरी पुण्य तिथि के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने पहाड़ के ऊपर स्थित रामरेखा धाम पहुंचकर बाबा की समाधि पर माथा टेका। पावन तीर्थ स्थली रामरेखा धाम में तीन दिनों से चल रहे अखंड हरिकीर्तन व पूजा अनुष्ठान के बीच निकटवर्ती छत्तीसगढ़ व उड़ीसा राज्य से भी पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने श्रीराम कुंड में स्नान करके पूजन किया। भक्तों ने धाम के बीचोबीच स्थित रामरेखा बाबा के समाधि स्थल पर पुष्प चढ़ाये और पूजा अर्चना की। इधर जिला मुख्यालय स्थित देवराहा बाबा आश्रम में भी सैकड़ों भक्तों ने बाबा की पुण्य तिथि मनायी और पूजा अर्चना की। रामरेखा धाम में बुधवार को शुरू हुए अखंड हरिकीर्तन में किनबिरा, कुलुकेरा और सरखुटोली सहित कई गांवों की भजन मंडली शामिल थी। जाप में संतोष पण्डा, विनोद पण्डा, रामरतन दास और नागेश्वर होता बैठे। उमा बाबा की अगुवाई में हुए धार्मिक अनुष्ठान में पंडित भुवनेश्वर पंडा ने पूजन का कार्य कराया। नाम यज्ञ के समापन के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने विशेष भंडारा प्रसाद में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन की सफलता में धाम के सचिव अमरनाथ बामलिया, बाबूल साहा, विनोद दास, ईश्वर प्रसाद, ओमप्रकाश साहू, बहादुर सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, कृष्णा शर्मा, लक्ष्मण बड़ाईक और लक्ष्मी प्रसाद सहित कई श्रद्धालु शामिल थे। देवराहा बाबा आश्रम में ओमप्रकाश अग्रवाल के नेतृत्व में पुण्य तिथि पर पूजा अर्चना की गयी।

Wednesday, July 21, 2010

Simdega : जयघोष के बीच देव प्रतिमाओं का हुआ मुकुट अभिषेक

महावीर चौक स्थित महावीर मंदिर में मंगलवार को भक्तों ने बजरंगबली की प्रतिमा का मुकुट अभिषेक किया। इस मौके पर जुटे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती के बीच भगवान शिव, पार्वती, श्री गणेश एवं कार्तिक जी की प्रतिमाओं पर भी मुकुट अभिषेक किया। महावीर मंदिर महाआरती समिति द्वारा आयोजित मुकुट अभिषेक कार्यक्रम में रामजानकी मंदिर से शोभायात्रा निकाली गयी थी। इससे पूर्व मंदिर में रखे मुकुटों का विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालु प्रदीप शर्मा मुकुटों को अपने माथे पर धारण करके अन्य श्रद्धालुओं के साथ शोभायात्रा के रूप में मंदिर परिसर से निकले और महावीर मंदिर पहुंचे। यहां भक्तों ने रामभक्त हनुमान के जयकारे लगाते हुए उनकी प्रतिमा पर मुकुट अर्पित किया। मुकुट पहनाने में ओमप्रकाश शर्मा, बजरंग बंसल, ओमप्रकाश पिथरिया शामिल थे। इसके बाद महाआरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। हर मंगलवार को महाआरती का अनुष्ठान करते आ रहे भक्तगण आज के धार्मिक कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित थे। आयोजन में पिंकुल अग्रवाल, अमित अग्रवाल, गिगु अग्रवाल, राजेन्द्र बामलिया, संजय शर्मा, मुन्ना अग्रवाल, अमित पिथरिया और नरेश मित्तल सहित कई श्रद्धालुओं का सक्रिय योगदान रहा।

Friday, July 9, 2010

Simdega : जिले में दिखी परोपकार की मिसाल

Jul 10,
सिमडेगा। रजरप्पा मंदिर में हुई घटना के विरोध में आहूत बंद के दौरान शहरवासियों ने परोपकार की मिसाल प्रस्तुत करते हुए बंद में फंसे लोगों को भोजन कराया। देश के विभिन्न शहरों से अपने ट्रकों पर माल लादकर यहां से गुजर रहे करीब डेढ़ सौ ट्रक चालक सिमडेगा में फंसे हुए थे। इनके अलावा काफी संख्या में यात्री भी बंद के चलते रूके थे। शहर में चाय-पान तक की दुकानें बंद रहने के कारण ये भूख-प्यास से त्रस्त थे। इनकी परेशानी को देख शहर के युवाओं ने खिचड़ी और सब्जी का वितरण किया। साथ ही मिनरल वाटर भी उपलब्ध कराया गया। यहां के लोगों की सहृदयता देख ट्रक चालक दलबीर सिंह ने कहा कि बंद में यह अनुभव बेहद सुखद है। भोजन व्यवस्था में पवन जैन, राजेश सिंह, कौशल रोहिल्ला, प्रदीप शर्मा, बबलू गोयल, रवि गोयल, जगेश्वर चाटवाला, पवन वैद्यनाथ, श्री महतो, विजय बंसल, विष्णु बोंदिया सहित कई युवा शामिल थे।

Wednesday, July 7, 2010

Simdega : माओवादियों ने किया बैनर बम विस्फोट

सिमडेगा जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर सिमडेगा-रांची मुख्य मार्ग पर भाकपा माओवादियों द्वारा लगाया गया 'बैनर बम' विस्फोट हो गया। विस्फोट में एक एएसआई व दो जवान बाल-बाल बच गये। नक्सलियों द्वारा बैनर बम विस्फोट की संभवत: यह पहली घटना है। पुलिस का अनुमान है कि बैनर के नीचे बम फिट करके पुलिस को क्षति पहुंचाने की इस कोशिश को नक्सलियों के कुंदन पाहन दस्ते ने अंजाम दिया है। घटना में एएसआई व एक पुलिसकर्मी को मामूली चोट आयी है। बंद के दौरान एलआरपी पर निकली सदर पुलिस मुख्य मार्ग पर अरानी गांव के समीप पुलिस उग्रवादियों द्वारा लगाया गया बैनर उखाड़ रही थी। पुलिस की किस्मत अच्छी थी कि बैनर के खूंटों के नीचे फिट किये गये 3 बमों में से सबसे बड़ा बम नहीं फटा। करीब 5 किलो वजन का जिलेटिन व स्प्रिंल्टर भरा यह बम फट जाता तो किसी की जान नहीं बचती। नक्सलियों ने 12 वोल्ट की बैटरी व तार के साथ बमों को बैनर के खूंटों के नीचे फिट किया था। पुलिस ने घटनास्थल से जिंदा बम, बैटरी, तार के अलावा एक मोटरसाइकिल का आनर बुक व साइकिल बरामद किया है। घटना बुधवार की सुबह करीब 9 बजे हुई। जानकारी के अनुसार एएसआई सत्यनारायण शर्मा के नेतृत्व में जीप से निकली एलआरपी टीम ने बीरू गांव से कुछ आगे पुल के पास माओवादियों द्वारा लगाया गया लाल रंग का बैनर देखा । इस बैनर को उखाड़ने के बाद पुलिस करीब एक किलोमीटर आगे बढ़ी थी । वैसा ही एक और बैनर रोड के किनारे लगा दिखा। पुलिस ने इसे भी उखाड़ना शुरू किया। जैसे ही पहले खूंटे को उखाड़ा, एक साथ दो विस्फोट हुए। विस्फोट से एएसआई व पुलिसकर्मी वहीं फेंका गये और उन्हें मामूली चोटें आयीं। वहां काले रंग का धूंआ फैल गया था। विस्फोट में एक बच्चे को भी चोट आने की सूचना है। पुलिस के अनुसार जिस खूंटे को उखाड़ने से विस्फोट हुए उसके नीचे बड़ा बम था । किंतु यह नहीं फटा। खूंटों के हिलने से अन्य दो खूंटों के नीचे तार से जोड़े गये बम फट गये। घटना के बाद एसपी दुर्गा उरांव, एसडीपीओ वरूण कुमार, डीएसपी डीएन उरांव, सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट अजय सिंह, इंस्पेक्टर सतनजीव झा व सदर थाना प्रभारी परमेश्वर प्रसाद के अलावा कोलेबिरा थाना प्रभारी नीरज कुमार सदलबल घटनास्थल पहुंचे और नक्सलियों के खिलाफ सर्च आपरेशन तेज कर दिया।

Tuesday, June 29, 2010

Simdega : माओवादियों नें होटल व्यवसायी को भूना

रामजोल गांव में माओवादी समर्थक होने के आरोप में पीएलएफआई द्वारा जयमसीह मड़की की हत्या के 24 घंटे के भीतर भाकपा माओवादियों ने बीरू निवासी होटल व्यवसायी कुलेन्द्र प्रसाद की हत्या रविवार की देर रात्रि बीरू चौक के निकट गोली मारकर व गला रेतकर कर दी। घटना के बाद माओवादी उग्रवादियों ने पर्चा फेंककर कुलेन्द्र को पीएलएफआई समर्थक व पुलिस का दलाल बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुलेन्द्र रविवार की शाम बीरू चौक स्थित अपने होटल में थे। इसी बीच वहां पहुंचे दो उग्रवादियों ने कुलेन्द्र का अगवा कर लिया। इसके बाद रात पौने 11 बजे तक उग्रवादी कुलेन्द्र की पत्नी व भाई को फोन पर यह कहते रहे कि उसे पूछताछ के लिये लाया गया है। पूछताछ के बाद कुलेन्द्र को छोड़ दिया जायेगा। लेकिन रात करीब 11 बजे उग्रवादियों ने कुलेन्द्र को बीरू चौक के निकट लाकर हत्या कर दी। इस क्रम में उग्रवादियों ने करीब 20-25 राउंड फायरिंग भी की। गोली वहां से गुजर रहे एक ट्रक व सब्जी लेकर राउरकेला जा रही एक जीप पर भी लगी। इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर पुलिस रात में ही घटनास्थल पहुंची एवं शव को अपने कब्जे में कर अंत्यपरीक्षण के लिये सदर अस्पताल भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक विमला प्रधान व पूर्व विधायक नियेल तिर्की थाने पहुंचे तथा शोक संतिप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

Friday, June 18, 2010

Simdega : सिमडेगा-रांची पथ में दर्जन भर वाहनों से लाखों की लूट

माओवादियों के बंद के दौरान अपराधियों ने सिमडेगा-रांची मुख्य मार्ग पर दर्जन भर वाहनों में लूटपाट मचाते हुए लाखों रुपये व मोबाइल लूट लिये। रविवार की मध्य रात्रि के बाद से शुरू हुए माओवादियों के दो दिवसीय बंद की शुरूआत होते ही अपराधियों ने गाडि़यों को रोककर लूटना शुरू किया था। अपराधियों ने अहले सुबह करीब 4 बजे तक इत्मीनान से एक बाराती गाड़ी समेत कई गाडि़यों में सवार लोगों को लूटा। यात्रियों के साथ बदसलूकी भी की गयी। सदर थाना क्षेत्र के सिमडेगा-रांची मुख्य पथ पर स्थित अरानी बरईबेड़ा गांव के निकट अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने तांडव मचाया। यात्रियों से अपराधियों ने करीब डेढ़ लाख रुपये और दर्जनों मोबाइल सेट लूट लिये। अपराधियों ने एक अखबार लेकर आ रही जीप में भी लूटपाट की। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपराधियों ने सिमडेगा-रांची मुख्य पथ पर स्थित बरईबेड़ा गांव के निकट बीच सड़क में पेड़ काटकर मार्ग को अवरूद्ध कर दिया था। जानकारी के अनुसार करीब 15 की संख्या में हथियारबंद अपराधियों ने राउरकेला से आगरा जा रहे ट्रक यूपी 86 एफ 9717 के चालक रामवरेश यादव के पास से 22 हजार नकद व मोबाइल सेट तथा राउरकेला से कानपुर जा रही ट्रक यूपी 85 एस 9103 के चालक आशीष यादव से 20 हजार नकद, मोबाइल सेट व ट्रक में लगे सीडी प्लेयर लूट लिये। इस क्रम में अपराधियों ने चालक के साथ मारपीट भी की। कुछ महिला यात्रियों के जेवर भी लू लिये। इधर लूट के शिकार बने कई वाहन चालक थाना पहुंचे बिना ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गये। सुबह साढ़े चार बजे पुलिस को लूटपाट की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने सदर थाना के सामने कुर्सी व बोर्ड लगाकर बीरू की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया और बाद में सदर थाना प्रभारी परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पहुंची और अपराधियों की खोज शुरू की।

Friday, June 4, 2010

Simdega : हक व अधिकार के लिए संगठित हों मजदूर


सिमडेगा। झारखंड मजदूर यूनियन के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को नगर भवन में अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पंचायत उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री लकड़ा ने कहा कि मजदूरों को अपने हक व अधिकार की प्राप्ति के लिये संगठित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ा संगठन मजदूरों का है और मजदूरों को अपनी एकता कायम रखनी चाहिए। श्री लकड़ा ने कहा कि मजदूरों के लिये सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही है लेकिन जागरूकता के अभाव में वे योजनाओं का लाभ नहीं ले रहे हैं। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए अधिवेशन में भाग ले रहे सभी मोटिया मजदूरों व रिक्शा चालकों से अपने-अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने का आग्रह किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पंचायत उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि कई जगह मजदूरों के साथ शोषण किये जाने का मामला प्रकाश में आते रहता है। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को मिलने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि शहरी क्षेत्र के मजदूरों के लिये नगर पंचायत द्वारा चलाये जाने वाले योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने का प्रयास किया जायेगा। यूनियन के जिला प्रभारी भगवान कुमार मिश्र ने मजदूरों की एकता और संगठन पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने यूनियन के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 17 वर्ष पूर्व मजदूरों के खिलाफ होने वाले शोषण से लड़ने के लिये संगठन की नींव रखे थे जो आज एक विशाल पेड़ के समान हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भी जिले में मोटिया मजदूरों के साथ शोषण किया जा रहा है लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस अवसर पर मोटिया मजदूर व रिक्शा चालकों के लिये पहचान पत्र का वितरण किया गया। साथ ही कुलदीप सिंह को यूनियन का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। कार्यक्रम में राजेश केरकेट्टा, घनश्याम राम, शिवचरण डोमरा, अघनू सिंह, विमल नायक, गोविंद मेहर, कुर्बान खान, अमर नायक आदि ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में काफी संख्या में मोटिया मजदूर, राजमिस्त्री व रिक्शा चालक उपस्थित थे।

Friday, May 7, 2010

Simdega : दस साल बाद पूरा हुआ अभिजीत का संकल्प

सिमडेगा। आईएएस की परीक्षा में 24वां स्थान प्राप्त अभिजीत फोगला का संकल्प दस साल बाद पूरा हुआ। दस साल पूर्व अपराधियों ने रंगदारी के लिए दिनदहाड़े अभिजीत के पिता विजय फोगला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी घटना के बाद अभिजीत ने संकल्प लिया था कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर लोगों को भय मुक्त वातावरण देगा। जो दस साल बाद पूरा हुआ। हालांकि तीसरे प्रयास में अभिजीत ने आईएफएस की परीक्षा पास कर ली थी लेकिन वह उससे संतुष्ट नहीं था। अभिजीत के मामा ने बताया कि आईएएस के इंटरव्यू में भी उससे पूछा गया कि वह आईएफएस के बाद आईएएस क्यों बनना चाहते हैं उस समय भी अभिजीत का वही जवाब था, जो उसने संकल्प लिया था। खास यह कि अभिजीत के चाचा किशोर फोगला पर भी तीन साल पूर्व अपराधियों ने जानलेवा हमला किया था। वैसे गुमला में अभिजीत का परिवार साइकिल व इलेक्ट्रानिक्स व्यवसाय से जुड़ा है।

Wednesday, May 5, 2010

Simdega : नगर पंचायत अध्यक्ष पर भड़के उपाध्यक्ष

May 05 . 2010 -- सिमडेगा। नगर पंचायत में शहरी विकास के कार्यक्रमों की धीमी गति तथा नपं अध्यक्ष द्वारा कथित रूप से मनमाना रवैया रखे जाने पर नपं उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल भड़क उठे हैं। श्री अग्रवाल ने विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि नगर पंचायत में कोई नियम कानून नहीं है तथा अध्यक्ष हिटलरशाही कर रही हैं। शहर के विकास का पहिया रूक जाने की बात कहते हुए उपाध्यक्ष ने कहा है कि नगर पंचायत में नियमानुसार काम नहीं होने के चलते नगर विकास विभाग से योजनाएं स्वीकृत नहीं हो रही हैं। नपं अध्यक्ष फुलसुंदरी देवी द्वारा नियमों की अवहेलना करके विशेष बैठक करने का आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष ने कहा है कि नगरपालिका अधिनियम के अनुसार स्पष्ट एजेंडा के साथ बैठक नहीं करने की स्थिति में बैठक का कोई मतलब नहीं है। नपं बोर्ड की अवहेलना का भी आरोप अध्यक्ष पर लगाया गया है।

Simdega : हाईटेक के सहारे होगी इस बार की जनगणना

सिमडेगा। इस बार की जनगणना हाईटेक के सहारे होगी। जनगणना में तकनीक का खूब इस्तेमाल होगा ताकि प्रत्येक सूचना का संग्रहण सटीक हो। जनगणना को सही ढंग से कराने के लिये जिले में मास्टर ट्रेनरों को विशेष प्रशिक्षण शुरू हो गया है। मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में शुरू हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी उपायुक्त राधाकृष्ण ने किया। प्रशिक्षण में पूरे जिले के चुने हुए करीब दो दर्जन अधिकारी भाग ले रहे हैं। ये मास्टर ट्रेनर जनगणना का प्रशिक्षण पाने के बाद अपने क्षेत्र में प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। मंगलवार को हुए प्रशिक्षण में राज्य मुख्यालय से आये प्रदीप कुमार व सत्येन्द्र कुमार के अलावा जनगणना के प्रभारी पदाधिकारी सह डीटीओ रामप्रवेश सिंह ने प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनरों को दो तरह के फार्म भरने के बारे जानकारी दी गयी। बताया गया कि जनगणना के क्रम में हाथ से भरे गये इन फार्म को सीधे स्कैनिंग के जरिये कम्प्यूटर में लोड किया जायेगा। इसलिए फार्म भरते समय अंक बैठाने में पूरी सावधानी बरतने की बात कही गयी। प्रशिक्षण में बताया गया कि सुस्पष्ट ढंग से फार्म में अंक नहीं अंकित करने से कम्प्यूटर में सही आंकड़े दर्ज नहीं होंगे। इसे उदाहरण के द्वारा स्पष्ट करते हुए कहा गया कि फार्म में यदि 1 लिखना है तो इस ढंग से स्पष्ट लिखा जाएगा कि उसे 7 अथवा कोई अन्य अंक पढ़ने की भूल कम्प्यूटर न करे। प्रशिक्षण में सभी प्रखंडों से कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, सांख्यिकी पदाधिकारी सहित कई अधिकारी शामिल थे।

Thursday, March 11, 2010

Simdega : क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारेगी पुलिस

                 जिला क्रिकेट एसोसिएशन की बैठक रविवार को सिमडेगा क्लब के सभागार में हुई। पुलिस निरीक्षक सतनजीव झा की अध्यक्षता में आयोजित उक्त बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर श्री झा ने कहा कि जिले में कई अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी हैं इन्हें सिर्फ निखारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिले में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिये उनके विभाग द्वारा यथासंभव सहयोग किया जायेगा। बैठक में उपस्थित सार्जेट मेजर टीके झा ने संबोधित करते हुए कहा कि जिले में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिये लोगों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को निखारने के लिये सोशल पुलिसिंग के तहत यथासंभव सहयोग किया जायेगा। श्री झा ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि वे नि:स्वार्थ भाव से क्रिकेट के विकास के लिये कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व एसोसिएशन के सचिव विजय पुरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि जिले में क्रिकेट की प्रतिभाओं को अवसर देने की जरूरत है। बैठक में प्रखंड स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया गया तथा वित्तीय वर्ष 2009-10 का आडिट के लिये स्टेट बैंककर्मी प्रदीप कुमार दत्ता को अंकेक्षक नियुक्त किया गया। इसके साथ ही बैठक में उप समितियों का गठन किया गया। जिसमें टूर्नामेंट कमेटी में अनूप श्रीवास्तव, संतोष कुमार सिंह, विद्यासागर सिंह, राजीव रंजन कुमार, प्रेमप्रकाश गिरी, चयन कमेटी में ओनिल तिर्की, तौकीर उस्मानी, शशि भूषण मिश्रा, जोन इंदवार, नशीम खान को शामिल किया गया है। इसके अलावे नयी समिति का गठन किया गया जिसमें एसपी को अध्यक्ष, लखपत अग्रवाल व अनूप लाल को उपाध्यक्ष, विजय कुमार पुरी को सचिव, अनूप श्रीवास्तव व संतोष कुमार सिंह को संयुक्त सचिव, सुबोजित मौलिक को कोषाध्यक्ष चुना गया। साथ ही 9 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। जिसमें ओनिल तिर्की, युसुफ खान, जोन इंदवार, तौकीर उस्मानी, जेमी मिंज, मौ. सुहैल, सुहैब शाहिद, शशि भूषण मिश्रा व कुलदीप प्रसाद को शामिल किया गया है। बैठक में एसोसिएशन के कई सदस्य उपस्थित थे।

Thursday, March 4, 2010

Simdega : Holi धूम धड़ाके के साथ आज होगा महामूर्ख सम्मेलन

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सिमडेगा। होली के मौके पर होलियाना अंदाज में शहर के नगर भवन में मिलन समारोह सह महामूर्ख सम्मेलन के आयोजन की तैयारियां तेज हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरूण कुमार के नेतृत्व में बैठक करके महामूर्ख सम्मेलन की तैयारी की गयी है एवं शहर के गणमान्य लोगों को इस मौके पर खास उपाधियों से नवाजा गया है। नगर भवन में होली की पूर्व संध्या यानी रविवार की शाम 6 बजे से आयोजित होने वाले महामूर्ख सम्मेलन में तमाम प्रशासनिक, न्याय प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों को बुलाया गया है। इन लोगों के बीच से महामूर्खाधिराज का चयन किया जायेगा। इनके लिये पलास के फूलों की माला के अलावा पुरस्कार के रूप में कद्दू-कोहड़ा आदि का इंतजाम किया गया है। इसकी व्यवस्था की जिम्मेवारी मजदूर नेता राजेश सिंह को दी गयी है। इधर होली के मौके पर गणमान्य लोगों को उपाधि देते हुए सांसद प्रतिनिधि लीलुराम अग्रवाल को बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम, नगर पंचायत उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल को अभी तो मैं जवान हूं, सार्जेट मेजर टीके झा को पुलिस केन्द्र का कन्हैया, इंस्पेक्टर सतनजीव झा को थानेदारों का थानेदार, सदर बीडीओ संदीप कुमार को चाकलेटी राजकुमार, डीडब्लूओ को पारो से परेशान देवदास, योजना पदाधिकारी एम इबरार को वस्त्र दुकान का शोरूम, एसडीपीओ वरूण कुमार को क्या-क्या सितम न सहे हमने कुर्सी की खातिर, उद्घोषक संतोष अकेला को माइक्रोफोन लवर, झापा नेता विश्वंभर चौधरी को वैशाली नगर की वधू, रामनारायण सिंह रोहिल्ला को बुझ गया जवानी का हुक्का लेकिन खींचे जा रहे हैं., ओमप्रकाश साहू को मौके की तलाश में, शमीम अख्तर को बहादुर शाह जफर, राजू शर्मा को चौबे गये छब्बे बनने, पीएचईडी के ईई त्रिभुवन बैठा को रंगीन पानी की गारंटी, कृषि पदाधिकारी नरेश चौधरी को नौ दो ग्यारह की उपाधि से नवाजा गया है। आयोजन समिति ने उपाधि देने में वरीय अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा है। डीसी अबु बकर सिद्दीक को मन लागो मोरा फकीरी में, पुलिस अधीक्षक दुर्गा उरांव को ब्लैक पैंथर, डीडीसी सीपी बाखला को कभी अलविदा न कहना, एसडीओ सलन भुईया को मौनी बाबा की उपाधि दी गयी है। इनके अलावा करीब तीन दर्जन लोग होली के मौके पर विशेष रूप से याद किये गये हैं।

Saturday, February 20, 2010

Simdega : शहीद तेलेंगा खडि़या स्मारक स्थल पर अज्ञात लोगों ने की तोड़फोड़

जिला मुख्यालय स्थित शहीद तेलेंगा खडि़या स्मृति स्थल पर बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ फोड़ किये जाने की घटना को लेकर खडि़या समुदाय के लोग आक्रोशित हो गये। खडि़या समाज के लोगों ने स्मृति स्थल पर पहुंचकर घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह सामाजिक विद्वेष फैलाने का कार्य हुआ है। स्मारक स्थल में लगे झंडे एवं शहीद तेलेंगा की तस्वीर को फेंक दिये जाने से आक्रोशित मथियस कुल्लू, जेम्स डुंगडुंग, जेम्स पी केरकेट्टा, इस्माइल केरकेट्टा आदि ने घटना पर क्षोभ व्यक्त करते हुए डीसी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने मामले की जांच करके उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। समिति द्वारा डीसी को दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि समाज विशेष की आस्था को चोट पहुंचाने, समाज में विद्वेष फैलाने तथा अशांति फैलाने के लिये उक्त घटना को अंजाम दिया गया है। उक्त पूजा स्थल में समाज के आदि पूर्वजों द्वारा आस्था के साथ पूजा होती आ रही है। ऐसी स्थिति में खडि़या समाज का उद्वेलित होना स्वाभाविक है। तोड़फोड़ करने वाले तत्वों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने की मांग उठायी गयी है।

Wednesday, February 17, 2010

Simdega : वेलेंटाइन डे पर भारी पड़ा मातृ-पितृ पूजन दिवस

सिमडेगा। रविवार को वेलेंटाइन डे के मौके पर एक ओर जहां प्रेमी युगलों ने उद्यानों व होटलों में बैठकर अपने प्रेम का इजहार करते हुए वेलेंटाइन डे मनाया वहीं दूसरी ओर योग वेदांत सेवा समिति के आह्वान पर सैकड़ों लोगों ने वेलेंटाइन डे का विरोध करते हुए इस दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस आयोजित किया। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी मातृ-पितृ पूजन दिवस के आयोजन हुए जिनमें बच्चों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करके उनका पूजन किया।

Simdega : दो मासूम बच्चों को मिली ममता की छांव

सिमडेगा । मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित अनाथ आश्रम में रह रहे दो मासूम बच्चों को ममता की छांव मिल गयी है। यहां की बाल कल्याण समिति के संरक्षण में चल रहे मीराकल फाउंडेशन नामक अनाथ आश्रम के पांच माह के धर्मेन्द्र तथा डेढ़ वर्षीय निरंतर को क्रमश: भुवनेश्वर एवं कोलकाता के दंपति ने गोद लिया और जीवन भर इन्हें गोद लेकर पुत्र के रूप में अपनाया। इन बच्चों को ममता की छांव मिलने के समय आश्रम में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि दो माह पूर्व दैनिक जागरण ने नन्हीं आंखें ढूंढ रही हैं मां का आंचल शीर्षक समाचार के जरिये यहां के अनाथ आश्रम में रह रहे इन बच्चों की खबर प्रकाशित की थी। उक्त खबर के प्रकाशित होने के बाद देश के कोने-कोने से लोगों ने बाल कल्याण समिति से संपर्क साधकर बच्चों को गोद लेने की इच्छा जतायी थी। सैकड़ों फोन दैनिक जागरण के कार्यालय में आये थे। इस क्रम में भुवनेश्वर के नि:संतान दंपति मनमोहन अग्रवाल ने सिमडेगा पहुंचकर बाल कल्याण समिति से एक बच्चा गोद देने का अनुरोध किया था। साथ ही कोलकाता निवासी ओमप्रकाश भरेच दंपति ने भी बच्चे को अपनाने की इच्छा जाहिर की थी। बच्चों को मां-बाप का प्यार मिले तथा उन्हें सुखी जीवन हासिल हो इसके प्रयासरत बाल समिति के अध्यक्ष तेजबल शुभम मीराकल फाउंडेशन के संस्थापक मंजीत सिंह परदेशी, समिति के अवधेश कुमार, साधु मलवा, प्रभा टेटे आदि ने गोद लेने के इच्छुक दंपतियों के बारे समुचित जानकारी हासिल करने के बाद कानूनी रूप से धर्मेन्द्र व निरंतर को गोद देने की तैयारी की थी। इधर दो बच्चों को मां का आंचल मिल जाने के बाद अब भी अनाथ आश्रम में 21 मासूम बच्चे ऐसे हैं जिन्हें ममता के छांव की तलाश है। फाउंडेशन के संस्थापक श्री परदेशी एवं समिति के अध्यक्ष श्री शुभम ने बताया कि बच्चों को अच्छे मां-बाप मिले इसके लिये समिति ने गोद देने की जटिल प्रक्रिया में कुछ बदलाव करते हुए इस दिशा में प्रयास तेज किये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नि:संतान दंपतियों को भी समिति बच्चे गोद देगी जिनकी मासिक आय 5 हजार रुपये तक भी हो।

Simdega : पश्चताप व हृदय परिवर्तन का समय है चालीसा काल : विशप बरवा

सिमडेगा। ईसाई धर्मावलंबियों का चालीसा काल राख बुध के साथ शुरू हो गया। इस मौके पर धर्मप्रांत के सभी गिरजाघरों में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया और विश्वासियों के माथे पर राख के साथ क्रूस का चिन्ह अंकित किया गया। पुरोहितों ने राख लगाते हुए कहा कि पश्चताप करो और सुसमाचार में विश्वास करो। इधर जिला मुख्यालय स्थित संत अन्ना महागिरजाघर में विशप विंसेंट बरवा की अगुवाई में समारोही मिस्सा बलिदान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशप बरवा ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रार्थना त्याग तपस्या, उपवास और सेवा द्वारा पुण्य काल में प्रवेश करें। चालीसा काल पश्चताप करने और मन परिवर्तन करने का उपयुक्त समय है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु हम सबों के लिये पुण्य कमा चुके हैं उसे हम सबों को अर्जित करना है। हम ऐसा कुछ न करें जो दिखावा के लिये है। आत्मिक प्रगति के लिये प्रार्थना और उपवास दोनों आवश्यक है। विशप बरवा ने अपने प्रवचन में कहा कि चालीसे का समय हमारे लिये मुक्ति और कृपा का समय है अर्थात ईश्वर की कृपा पर भरोसा रखते हुए चालीसा काल का शुरूआत करें। उन्होंने कहा कि धन-दौलत, रुपया जिसे हम कीमती समझते हैं परंतु ईश्वर ने हमें इनसे भी कीमती उपहार प्रेम, सेवा, दया, क्षमा, सहानुभूति विश्वास एवं भरोसा दिये हैं। इन्हीं गुणों को हम दूसरों के लिये देना सीखें। ये सभी गुण ख्रीस्तीय मूल्य हैं जो सिर्फ देने के लिये हैं। मिस्सा अनुष्ठान में विशप बरवा का सहयोग फादर इसीदोर केरकेट्टा, फादर आनंद जोजो, फादर मरियानुस लुगुन, फादर पौलुस कुजूर, फादर तोबियस सोरेंग, फादर अर्नेस्ट केरकेट्टा, फादर कुमार खाख व फादर यूजिन टोप्पो ने किया। दूसरी मिस्सा विकर जनरल फादर पीटर पौल सोरेंग व तीसरी मिस्सा फादर बर्बट कुजूर ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में मिस्सा गीत का संचालन संत अन्ना छात्रावास की छात्राओं ने किया। समारोह में काफी संख्या में मसीही समुदाय के लोग उपस्थित थे।

Wednesday, December 30, 2009

Simdega : मुहर्रम जुलूस ( वृद्धों में जोश )



निकाला गया मुहर्रम का जुलूस 

वृद्धों में भर गया था जोश

 

सिमडेगा। मुसलमानों के पवित्र त्योहार मुहर्रम पर सोमवार को जिला मुख्यालय एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था व उल्लास के साथ जुलूस निकाला गया। मैदान ए कर्बला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाये जाने वाले इस पर्व के मौके पर शहर में निकाले गये जुलूस में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। जुलूस में शामिल एक अखाड़े के द्वारा बैंड बाजे द्वारा देशभक्ति गीतों की धुन बजायी जा रही थी। बैंड पर ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी.. गीत से शहर का पूरा माहौल देशप्रेम के जज्बे से ओतप्रोत हो गया था। जुलूस में शामिल युवा, बजुर्ग व बच्चों ने अस्त्र-शस्त्र व लाठी के करतब पेश किये। लोगों ने एक से बढ़कर एक हैरत अंगेज कला की प्रस्तुति करके मुहर्रम जुलूस को यादगार बना दिया। इससे पूर्व शहर के विभिन्न अखाड़ों से जुलूस निकलकर इस्लामपुर स्थित हारूण रशीद चौक के पास जमा हुआ इसके बाद सभी सामूहिक रूप से नीचे बाजार होते हुए महावीर चौक पहुंचे। इस क्रम में विभिन्न संप्रदाय के लोगों ने सदभाव व भाईचारे की भावना के साथ मुहर्रम जुलूस का स्वागत किया। जुलूस में शामिल लोगों द्वारा लगाये जा रहे नारे अल्लाह हू अकबर तथा या अली से आसमान गूंज रहा था। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के सदस्यों द्वारा एक से बढ़कर एक करतब के साथ सुंदर तरीके से ढोल ताशे भी बजाये जा रहे थे। जुलूस में कोनमेंजरा, मतरामेटा, आजाद बस्ती, इस्लामपुर, ईदगाह मुहल्ला, खैरनटोली, नूर मुहल्ला, मुजाहिद मुहल्ला आदि अखाड़ों के लोगों ने भाग लिया।


Sunday, December 27, 2009

Simdega : हाट बाजार में बढ़ रहा है मुर्गा लड़ाई का खेल


सिमडेगा। मुण्डारी भाषा में सिम का मतलब होता है मुर्गा तथा डेगा का मतलब है गांव। इन्हीं दो शब्दों के मेल से बना है सिमडेगा, यानि मुर्गा का गांव। सदियों से इस क्षेत्र में मुर्गे की लड़ाई का आनंद क्षेत्र का आदिवासी समुदाय लेता आया है। यहां के हाट बाजार में होने वाली मुर्गा लड़ाई को देखने के लिये सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुटते हैं। खेल में मुर्गे की जीत हार पर पैसा लगाने की परम्परा रही है। अब यह खेल बड़े पैमाने पर चलने लगा है और कुछ लोगों का व्यवसाय बन चुका है। धंधे में हजारों रुपये दांव पर लग रहे हैं। धीरे-धीरे मुर्गा लड़ाई के खेल का स्वरूप बढ़ता जा रहा है। खेल का नशा ऐसा चढ़ा है कि शहरी क्षेत्र से भी लोग मोटरसाइकिल-कार पर सवार होकर उन हाट बाजार में पहुंचते हैं जहां मुर्गा लड़ाई पर बड़े दांव लगाये जाते हैं। कई बार मुर्गा लड़ाई के दौरान मारपीट की भी नौबत आती है। यहां उल्लेखनीय है कि दो मुर्गो को मैदान में उतारने से पहले इनके बायें पैरों पर चाकूनुमा धारदार चीज बांधी जाती है। इसी हथियार से मुर्गा अपने प्रतिद्वंदी पर वार करता है। लड़ाई में जो मुर्गा घायल होकर भाग जाता है वह मुर्गा सामने वाला ग्रामीण अपने साथ ले जाता है। इसके अलावा वहां लड़ाई देखने वाले लोगों के द्वारा लगायी गयी बाजी के अनुसार उन्हें दोहरा पैसा मिलता है। बाजार में तेजी से बढ़ रहे मुर्गा लड़ाई के खेल और इसमें लगने वाले दांव पर पुलिस प्रशासन की कोई रोक नहीं है।

Thursday, December 24, 2009

Merry christmas : परमेश्वर का प्यार लेकर आया है क्रिसमस का त्योहार

Simdega -- जीईएच चर्च के विशप याकूब सोरेंग ने अपने क्रिसमस संदेश में कहा कि हमें जिस आगंतुक का इंतजार था वह आ गया है। क्रिसमस का पर्व परमेश्वर का प्यार लेकर आया है। विशप ने कहा कि स्वर्ग से यीशु के आगमन की मानवीय तैयारियां कुछ और ही थी पर उसके जन्म लेने से मानव मस्तिष्क में ऐसे विचार उभरे, जो अबतक लाये ही नहीं थे। परमेश्वर किसी को परेशानी में डाले बिना अपने पुत्र को गोशाले में भेज दिया। ईश पुत्र के आगमन से किसी को कोई कठिनाई और मजबूरी न हो इसके लिये गोशाले को प्राथमिकता दी गयी। उसके आगमन को कोई भी मजबूरी न समझे, इसके लिये किसी पर भी थोपना न चाहा। आज बैतुलहम और गोशाले से अधिक महत्व परमेश्वर के सामर्थ और उसके विचारों का है। उसके कार्यनीति और अधिकारपूर्ण एजेंडा में सबके लिये उद्धारकर्ता का प्रबंध है। एक समग्र समाज और न्यायपूर्ण समुदाय की स्थापना यीशु के द्वारा आरंभ है। विशप ने कहा कि मनुष्यों को एक उच्च आदर्श मानवीय मूल्यों से मान सम्मान प्रदान करना परमेश्वर की महिमा में निहित है। पारस्परिक प्रतिष्ठा का आदान-प्रदान ही परमेश्वर की महिमा है। ख्रीस्तमस मानव मुक्ति के प्रतीक बालक यीशु के रूप में है। प्रचीनकाल से लोगों को एक सेनानायक, शक्तिशाली राजा और एक सक्षम राजनेता की आशा थी, पर इन पदों को प्राप्त करने के लिये बालक की अवस्था से यीशु आरंभ करना चाहा। परमेश्वर का यह प्रयोग सफल रहा और उसकी  सफलता  स्थायी  बनी  हुई  है।  हम  सबों  की  तैयारी  विफल  नहीं हुई, हमें जिस आगंतुक की उम्मीद थी, वह आ गया है उसका स्वागत खुशी मन से करना है।

Wednesday, December 23, 2009

भाजपा की जीत जनता की जीत है।

सिमडेगा। सिमडेगा विस क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़कर जीत का परचम लहराने के बाद भाजपा प्रत्याशी विमला प्रधान बहुत खुश नजर आयीं। उन्होंने अपनी जीत का पूरा श्रेय जनता को देते हुए कहा कि भाजपा की जीत जनता की जीत है और अब लोगों के लिये काम करके दिखाने की बारी है। क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए विमला ने कहा कि वे महिलाओं के विकास के लिये भी काम करेंगी। इसके लिये महिला स्वयं सहायता समूहों को आगे बढ़ाने, सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने की बात भी उन्होंने कही। विमला ने कहा कि उन्हें काम के आधार पर वोट मिला है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चुनाव में हुई जीत हार में निर्दलीय प्रत्याशियों की कोई भूमिका नहीं रही है वे मतदाताओं से मिले भारी समर्थन से चुनाव जीती है।

Friday, December 4, 2009

Simdega ( Rahul Gandhi ): राहुल से मिलकर गदगद हुए जिले के कांग्रेसी


सिमडेगा। राहुल गांधी के आगमन पर जिले के कांग्रेसियों में उत्साह चरम पर था। करीब दर्जन भर कांग्रेसजन खुद को भाग्यशाली मान रहे थे क्योंकि इन्हें राहुल से मिलने व बातें करने का मौका मिला था। जैसे ही राहुल मंच के करीब पहुंचे पूर्व विधायक थियोडोर किड़ो, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल, लता तिर्की, पूर्व सांसद प्रतिनिधि विक्सल कोनगाड़ी, कार्यकारी जिलाध्यक्ष जोनसन मिंज, सदर प्रखंड पार्टी अध्यक्ष रामनारायण सिंह रोहिल्ला, मजदूर नेता राजेश सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अनूप केशरी, युवा प्रभारी संतोष सिंह, प्रखंड अध्यक्ष मनोज साय, नगर अध्यक्ष मनमोहन लाल, प्रवक्ता प्रदीप केशरी, महामंत्री सुधीर प्रसाद, सेवादल प्रमुख कुदुस, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष हर्ष बारला, महाराष्ट्र से आये गणेश गणपत नारमोलकर, महामंत्री डीडी सिंह आदि ने गुलदसता देकर राहुल गांधी का स्वागत किया और उनसे हाथ मिलाया। सभा को सफल बनाने में कांग्रेस कार्यकर्ता एजाज अहमद, शशि गुडि़या, लखन गुप्ता, रंधीर रंजन, विशाल तिर्की, जेमी मिंज, मनोज जायसवाल, धनंजय केशरी, दीप्तिमान तिर्की, वरदान लकड़ा, मेरी टोपनो, शिव प्रसाद, हीरा, नन्हूं मियां,कल्लू मियां, मन्नान खान, जैकी खान, संजय सिंह सहित कई लोग शामिल थे।

Tuesday, December 1, 2009

Simdega : World AIDS Day : एड्स जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


World AIDS Day  के मौके पर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सदर अस्पताल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारियों व चिकित्सकों द्वारा एड्स से बचाव व उसके रोकथाम के बारे में विचार व्यक्त किये गये। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सह प्राधिकार के सचिव विजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर सीजेएम कुमार ने कहा कि एड्स रोकथाम एवं उसके उपचार की जानकारी जन-जन तक फैलाने में प्राधिकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि एड्स मरीजों को हीन दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी पीडि़त बच्चे को सामाजिक कार्यो खेलकूद व स्कूल जाने के लिये प्रोत्साहित करें। एसडीजेएम महेन्द्र प्रसाद ने एड्स दिवस मनाये जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में विचार व्यक्त करते हुए अस्पताल उपाधीक्षक डा. ओपी रवानी ने कहा कि एड्स एक वायरस से फैलता है जिसे एचआईवी कहते हैं। एचआईवी शरीर में रोगों का सामना करने की स्वाभाविक क्षमता को कम करता चला जाता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति कई वषरें तक सामान्य जीवन जी सकता है। लेकिन जब शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत खत्म होने लगेगी तो कुछ वर्ष में ही वह किसी न किसी घातक रोग का शिकार हो जाता है। डा. रवानी ने कहा कि अभी तक एड्स का कोई भरोसेमंद इलाज नहीं है और न ही इससे बचाव का कोई टीका बना है। लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। डा. आनंद खाखा ने कहा कि एक से अधिक व्यक्तियों के साथ असुरक्षित यौन संपर्क बनाने, यौन रोग से पीडि़त नशीली दवाओं का सेवन, अन्य व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल की गयी सुई व सिरींज का प्रयोग तथा एचआईवी की जांच किये बिना रक्त चढ़ाया गया हो तो उसे एचआईवी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। इनके अलावे कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. बेनेदिक मिंज, डा. राजेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर मंच संचालन मुंसफ संतोष कुमार ने किया। कार्यशाला में न्यायाधीश प्रथम एसके महाराज, डा. सुषमा प्रभा टोप्पो, डा. आरएन यादव सहित कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।विश्व एड्स दिवस के मौके पर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सदर अस्पताल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारियों व चिकित्सकों द्वारा एड्स से बचाव व उसके रोकथाम के बारे में विचार व्यक्त किये गये। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सह प्राधिकार के सचिव विजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर सीजेएम कुमार ने कहा कि एड्स रोकथाम एवं उसके उपचार की जानकारी जन-जन तक फैलाने में प्राधिकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि एड्स मरीजों को हीन दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी पीडि़त बच्चे को सामाजिक कार्यो खेलकूद व स्कूल जाने के लिये प्रोत्साहित करें। एसडीजेएम महेन्द्र प्रसाद ने एड्स दिवस मनाये जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में विचार व्यक्त करते हुए अस्पताल उपाधीक्षक डा. ओपी रवानी ने कहा कि एड्स एक वायरस से फैलता है जिसे एचआईवी कहते हैं। एचआईवी शरीर में रोगों का सामना करने की स्वाभाविक क्षमता को कम करता चला जाता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति कई वषरें तक सामान्य जीवन जी सकता है। लेकिन जब शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत खत्म होने लगेगी तो कुछ वर्ष में ही वह किसी न किसी घातक रोग का शिकार हो जाता है। डा. रवानी ने कहा कि अभी तक एड्स का कोई भरोसेमंद इलाज नहीं है और न ही इससे बचाव का कोई टीका बना है। लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। डा. आनंद खाखा ने कहा कि एक से अधिक व्यक्तियों के साथ असुरक्षित यौन संपर्क बनाने, यौन रोग से पीडि़त नशीली दवाओं का सेवन, अन्य व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल की गयी सुई व सिरींज का प्रयोग तथा एचआईवी की जांच किये बिना रक्त चढ़ाया गया हो तो उसे एचआईवी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। इनके अलावे कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. बेनेदिक मिंज, डा. राजेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर मंच संचालन मुंसफ संतोष कुमार ने किया। कार्यशाला में न्यायाधीश प्रथम एसके महाराज, डा. सुषमा प्रभा टोप्पो, डा. आरएन यादव सहित कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। के मौके पर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सदर अस्पताल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारियों व चिकित्सकों द्वारा एड्स से बचाव व उसके रोकथाम के बारे में विचार व्यक्त किये गये। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सह प्राधिकार के सचिव विजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर सीजेएम कुमार ने कहा कि एड्स रोकथाम एवं उसके उपचार की जानकारी जन-जन तक फैलाने में प्राधिकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि एड्स मरीजों को हीन दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी पीडि़त बच्चे को सामाजिक कार्यो खेलकूद व स्कूल जाने के लिये प्रोत्साहित करें। एसडीजेएम महेन्द्र प्रसाद ने एड्स दिवस मनाये जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में विचार व्यक्त करते हुए अस्पताल उपाधीक्षक डा. ओपी रवानी ने कहा कि एड्स एक वायरस से फैलता है जिसे एचआईवी कहते हैं। एचआईवी शरीर में रोगों का सामना करने की स्वाभाविक क्षमता को कम करता चला जाता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति कई वषरें तक सामान्य जीवन जी सकता है। लेकिन जब शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत खत्म होने लगेगी तो कुछ वर्ष में ही वह किसी न किसी घातक रोग का शिकार हो जाता है। डा. रवानी ने कहा कि अभी तक एड्स का कोई भरोसेमंद इलाज नहीं है और न ही इससे बचाव का कोई टीका बना है। लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। डा. आनंद खाखा ने कहा कि एक से अधिक व्यक्तियों के साथ असुरक्षित यौन संपर्क बनाने, यौन रोग से पीडि़त नशीली दवाओं का सेवन, अन्य व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल की गयी सुई व सिरींज का प्रयोग तथा एचआईवी की जांच किये बिना रक्त चढ़ाया गया हो तो उसे एचआईवी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। इनके अलावे कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. बेनेदिक मिंज, डा. राजेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर मंच संचालन मुंसफ संतोष कुमार ने किया। कार्यशाला में न्यायाधीश प्रथम एसके महाराज, डा. सुषमा प्रभा टोप्पो, डा. आरएन यादव सहित कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

Friday, November 27, 2009

Simdega Bakrid : अल्लाह की राह पर कुर्बानी का पर्व बकरीद

Simdega Bakrid : ईद-उल-अजहा(बकरीद) का त्योहार हजरत इब्राहिम (अ.) और उनके पुत्र हजरत इस्माईल की याद में मनाया जाता है। इस पर्व के मौके पर जानवरों को अल्लाह की राह पर कुर्बान किया जाता है। हजरत इब्राहिम को अल्लाह की तरफ से हुक्म हुआ कि वे अपने पुत्र हजरत इस्माईल(अ.) को मेरी राह पर कुर्बान करो। अल्लाह के हुक्म होते ही हजरत इब्राहिम अपने पुत्र को कुर्बान करने के लिये मीना की पहाड़ी पर ले गये और आंख पर पट्टी बांधकर गले पर छुरी चला दी। लेकिन अल्लाह के हुक्म पर छुरी नहीं चली और हजरत इब्राहिम अल्लाह के इम्तहान में कामयाब हो गए। इसी बीच अल्लाह की ओर से एक फरिश्ता वहां पर दुम्बा(जानवर) लेकर आते हैं और उसे कुर्बान किया जाता है। अल्लाह तआला को ये अदा इतनी पसंद आयी कि कयामत तक आने वाले मुसलमानों के लिये यादगार की चीज इबादत के शक्ल में करार दिया। दस जिलहिज्जा से बाहर जिल हिज्जा तक मुसलमान कुर्बानी कर सकते हैं। अल्लाह के पास कुर्बानी से बढ़कर कोई पसंदीदा अमल नहीं हो सकता। मौलाना शाहिद काशमी ने कहा कि ईद उल अजहा का नमाज पढ़ने लोग एक रास्ते से आएं और दूसरे रास्ते से लौटें। इस क्रम में नमाजियों को तक्बीरे-तशरीफ पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों का यह त्योहार मुर्सरत और सौहार्द से मनाना चाहिए। इधर पर्व को लेकर मुस्लिम बहुल इलाकों में खासी रौनक देखी जा रही है।

Monday, November 23, 2009

Simdega : न्याय, प्रेम और शांति के राजा हैं ख्रीस्त-बिशप बरवा


सिमडेगा। ख्रीस्त विश्वासी समुदाय ने ख्रीस्त राजा पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर धर्मप्रांत के विभिन्न पल्लियों में शोभायात्रा निकाली गयी एवं समारोही मिस्सा बलिदान का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय के समाटोली स्थित संत अन्ना महागिरजाघर में विशप विंसेंट बरवा की अगुवाई में मिस्सा पूजा संपन्न हुआ। इस मौके पर विशप विंसेंट बरवा ने अपने प्रवचन में कहा कि ख्रीस्त का राजत्व है नम्रता और सेवा। उन्होंने कहा कि ख्रीस्त सांसारिक राजा नहीं बल्कि न्याय, प्रेम व शांति के राजा हैं। संत पिता 11वें ने 1925 ई में ख्रीस्त राजा पर्व की स्थापना की। उस समय सांसारिकता बहुत बढ़ गयी थी और धर्म विरोधी तत्व भिन्न-भिन्न प्रकार से पनप रहे थे। विशप बरवा ने कहा कि बहुत से ख्रीस्तीय ख्रीस्त और कलिसिया के अधिकार पर संदेह करने लगे थे। अत: संत पिता ने इस महोत्सव की घोषणा की कि दुनिया देखे और जाने कि कलीसिया को भी स्वतंत्रता का अधिकार है और सरकार को उसके हितों की रक्षा करनी है। दूसरी बात यह है कि देश के नेता और सारा राष्ट्र यीशु ख्रीस्त को आदर और सम्मान प्राप्त करे। साथ ही ख्रीस्त भक्त इस मौके से साहस और शक्ति प्राप्त करे क्योंकि ख्रीस्त ही हमारे हृदय मन इच्छा और शरीर का संचालन करते है। विशप बरवा ने आगे कहा कि आज भी राष्ट्र के नेताओं, शासनकर्ताओं एवं आदिवासी समाज में भी बिखराव आ रहा है। इस प्रकार ख्रीस्त के अधिकार को स्वीकार करना कठिन है। उन्होंने कहा कि येशु ख्रीस्त ने राजा की भूमिका में सेवा भाव को दिखाया और ईश्वरीय राज्य की स्थापना की। जहां ईश्वर की दया, प्यार, क्षमा और चंगाई पायी जाती है। जहां न्याय और शांति है वहीं ईश्वर का राज्य है। विशप बरवा ने कहा कि ख्रीस्त हमारे मुक्तिदाता पुरोहित और राजा हैं। मिस्सा पूजा समारोह में विशप बरवा के सहयोगी फादर वीजी पीटर पाल सोरेंग, पल्ली पुरोहित इसीदर केरकेट्टा, फादर विजय तिर्की, फादर फिलमोन एक्का, फादर पौलुस कुजूर, फादर तोबियस, फादर वर्बट, फादर अलोईस, फादर यूजिन, फादर इग्नासियुस, फादर अजीत, फादर अर्थर ने किया। मिस्सा गीत का संचालन उर्सुलाइन की धर्मबहनें एवं छात्राओं ने की।

Saturday, November 21, 2009

Simdega : खेल जगत को दिये चमकते सितारे, बदले में मिली उपेक्षा


सिमडेगा। अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत में चमकते सितारे देने वाली सिमडेगा जिले की धरती सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रही है। ओलम्पिक हाकी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले माइकल किंडो व सिलबानुस डुंगडुंग के अलावा भारतीय टीम की कप्तान बनने के गौरव रखने वाली हाकी बाला सुमराय टेटे को इसी धरती ने जन्म दिया है। आदिवासी बहुल इस जिले में हाकी के अलावा अन्य खेलों में भी खिलाडि़यों ने चमक बिखेरी है। कई शानदार उपलब्धियों के बावजूद जिले में खेल सुविधाओं का घोर अभाव है। जिला मुख्यालय के बाजारटांड के समीप बन रहा खेल मैदान वर्षो से अधर में है। अल्बर्ट एक्का मैदान में खेलों के अलावा समय-समय पर विभिन्न सरकारी आयोजनों के कारण खेल प्रतिभाओं को समुचित अवसर नहीं मिल पाता है। एस्ट्रोटर्फ मैदान नहीं होने के चलते प्रतिभावान खिलाड़ी सही ढंग से अभ्यास नहीं कर पाते। खेलों के लिये उर्वरा भूमि सिमडेगा में जनप्रतिनिधियों ने इसके विकास के लिये कोई खास प्रयास नहीं किया है। खेलप्रेमी व खेल आयोजन से जुड़े लोग अपने दम पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। खेल आयोजनों में प्रशासनिक उपेक्षा का एक ज्वलंत उदाहरण यह है कि पांच वर्ष पूर्व महिला हाकी संघ ने प्रशासन के सहयोग से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया था। आयोजन के बाद समिति के लोग बाजार का बकाया नहीं चुका सके और प्रशासन ने समिति की कोई आर्थिक मदद नहीं की।

Monday, November 16, 2009

Simdega : Birsa Munda Birth Day n Foundation Day of Jharkhand. -- स्कूली बच्चों ने निकाली प्रभात फेरी






-- 15 Nov 1875 -  
Birth Day of Birsa Munda 
-- 15 Nov 2000 --

Foundation Day of Jharkhand.


सिमडेगा। भगवान बिरसा की जयंती एवं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में सुबह 7 बजे विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने प्रभातफेरी निकाली । प्रभातफेरी में शामिल विद्यार्थियों ने अल्बर्ट एक्का स्टेडियम से निकल कर पूरे शहर की परिक्रमा की।
प्रभातफेरी में शामिल बच्चे बिरसा मुंडा अमर रहे, जय झारखंड, झारखंड राज्य अमर रहे एवं वीर शहीद अमर रहे आदि नारे लगा रहे थे। उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा चुनाव की आचार संहित को देखते हुए इस अवसर पर किसी सरकारी कार्यालय में विद्युत सज्जा नहीं की । प्रभातफेरी में जिला शिक्षा पदाधिकारी मालती छाया कुजूर, जिला शिक्षा अधीक्षक नीलम आइलीन टोप्पो, शिक्षा पदाधिकारी बिरिया उरांव, रामजन्म राम, वार्इंके पांडेय सहित कई शिक्षक उपस्थित थे।

Saturday, November 14, 2009

Simdega : Children's Day -- रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मना बाल दिवस

Children's Day is celebrated in India on the 14th of November, the birthday of India's first Prime Minister, Jawaharlal Nehru, as a tribute to his love of children. He liked roses and children. He was very fond of children and he used to do anything for children..

Nov 14, 2009
सिमडेगा। जिले भर में बाल दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यालय स्थित डीएवी विद्यालय, जूनियर कैम्ब्रिज, सेंट्रल अकादमी, ब्रिलिएंट स्कूल एवं सोगड़ा के आरसी मध्य विद्यालय सहित कई विद्यालयों में बाल दिवस के मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। डीएवी विद्यालय में प्राचार्य पीके सामल के नेतृत्व में शिक्षकों व बच्चों ने देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के प्यारे पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर छोटे बच्चों की फैंसी ड्रेस एवं चार हाउस बिरजानंद, दयानंद, श्रदानंद एवं विवेकानंद के बच्चों के बीच रंगोली प्रतियोगिता आयोजित हुई। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में पहला स्थान हिंसा बड़ाईक, द्वितीय आलोक राज, तृतीय स्वपनिल राज को मिला। रंगोली प्रतियोगिता में बिरजानन, विवेकानंद और श्रद्घानंद हाउस क्रमश: प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे। विद्यार्थी एकादश एवं शिक्षक एकादश के बीच क्रिकेट प्रतियोगिता भी हुई। मैच में बच्चों ने बाजी मारी। आयोजन में अनिल कुमार, शाहिन अख्तर, रमेश प्रष्टि, पूनम बड़ाईक, एसएन पाण्डेय, आरएन सेनापति और मीनाक्षी दास सहित कई शिक्षकों का योगदान रहा। कैम्ब्रिज विद्यालय में चित्रांकन कविता और निबंध पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी। आयोजन में विद्यालय के निदेशक, शीतल प्रसाद, प्राचार्या पीएल केरकेट्टा, संगीता कुजूर, सोनी कुमारी, बिरसमनी देवी सहित कई लोग उपस्थित थे। संचालन अमिता कुमारी ने किया। सेंट्रल अकादमी स्कूल सामटोली में बाल दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में साजर्ेंट मेजर टीके झा ने दीप प्रज्वलित किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्वेताप सिन्हा, द्वितीय महेश्वर बड़ाईक एवं तृतीय रितेश बड़ाईक रहे। मेढ़क दौड़, चम्मच रेस और प्रज्ञा रेस सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। सोगड़ा आरसी मध्य विद्यालय में आयोजित बाल दिवस कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक थियोडोर तिग्गा ने दीप प्रज्वलित किया। प्रधानाध्यापक श्री तिग्गा ने कहा कि चाचा नेहरू बच्चों को बहुत प्यार करते थे। इस मौके पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में अनिता इंदवार, अमृत प्रधान एवं प्रदीप एक्का, क्रमश: प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय रहे। देशभक्ति गीत एवं कविता प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। पर्यावरण सुरक्षा पर पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संचालन ख्रिस्तोफर तिर्की एवं धन्यवाद ज्ञापन जितराम गांधी ने किया।

Tuesday, November 10, 2009

Simdega : श्याम प्रभु का भव्य दरबार सजा


सिमडेगा। शहर स्थित आनंद भवन में सोमवार को 30वां श्याम महोत्सव शुरू हुआ। भवन में श्याम प्रभु का भव्य दरबार सजाया गया और अखंड ज्योत जलायी गयी। श्याम बाबा के अलौकिक श्रृंगार एवं मनमोहक झांकी के दर्शन तथा सवामनी प्रसाद पाने को श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूजन में यजमान के रूप में अशोक जैन सपत्नीक बैठे। पंडित वासुदेव गौतम ने मंत्रोच्चार के बीच श्याम प्रभु का पूजन कराया। श्याम बाबा के दरबार में रांची से विशेष रूप से लाये गये खाटू वाले श्याम बाबा के शीश को स्थापित किया गया है। भक्तों ने बाबा के शीश का पूजन किया। पूजन में मंडल के पूर्व अध्यक्ष सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल भी उपस्थित थे। इससे पूर्व सुबह 9 बजे श्रद्धालु महिला पुरुषों ने निशान शोभायात्रा भी निकाली। श्रद्धालु श्याम बाबा के भजन गाते चल रहे थे। रात्रि में भजन संध्या सह जागरण कार्यक्रम शुरू हुआ। भजन संध्या में बिकानेर से प्रख्यात भजन गायक प्रवेश शर्मा, कोलकाता के मंटू कुलेसिया, गणेश चौरसिया एवं भटली के अरूण सिन्हा व बेबी रानी आदि भजन गायक शामिल थे।

Friday, November 6, 2009

orphans in Simdega : नन्हीं आंखें तलाश रहीं मां का आंचल

Nov 03, 2009
सिमडेगा। बाल कल्याण आश्रम में रह रहे 18 बच्चों की नन्हीं आंखें आज भी मां का आंचल तलाश रही हैं। यूं तो जिले में अनाथ बच्चों ( orphans ) की संख्या करीब 300 के आसपास है लेकिन इस आश्रम में अभी आधा दर्जन छोटे-छोटे बच्चे रह रहे हैं। इन मासूम बच्चों को क्या पता कि उनका भविष्य क्या होगा। बाल कल्याण आश्रम में रह रहे मासूम बच्चे ममता की छांव तलाश रहे हैं। खास यह कि एक माह के भीतर बाल कल्याण समिति को छह ऐसे बच्चे मिले हैं जिन्हें यदि इस आश्रम का सहारा नहीं मिला होता तो शायद ये इस दुनियां में ही नहीं होते। इनमें सुभद्रा तो मात्र डेढ़ माह की है। बारबारा तीन माह की, तो धर्मेन्द्र चार माह का। आश्रम में रखे गये 18 बच्चों में अधिकतर की उम्र 6 माह के भीतर है। जिले में अनाथ बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सबसे स्याह पक्ष यह भी है कि जन्म के साथ ही अनाथ हो रहे बच्चों की तादाद भी कम नहीं है।
उल्लेखनीय है कि दो माह पूर्व दैनिक जागरण द्वारा अनाथ बच्चों के आश्रय का सवाल उठाये जाने के बाद यहां के प्रशासन ने समाज कल्याण निदेशालय द्वारा गठित जिला बाल कल्याण समिति की सुध ली थी। बाल कल्याण समिति को जब जिला प्रशासन से भरोसा मिला तो समिति ने अनाथ बच्चों के लिये काम कर रही सामाजिक संस्था मिराकल फाउण्डेशन को अपने संरक्षण में ले लिया। समिति के सक्रिय होने के बाद अब अनाथ बच्चों को सहारा मिला है। समिति अध्यक्ष तेजबल शुभम ने बताया कि उनके पास लाये जाने वाले अनाथ बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी है। संस्था चाहती है कि इन बच्चों को अच्छे मां-बाप मिलें। इन्हें गोद लेने के लिये नि:संतान लोग आगे आएं ताकि सुयोग्य लोगों का चयन करके उन्हें वैधानिक रूप से बच्चे गोद दिये जा सकें। श्री शुभम ने बताया कि जिले में अनाथ बच्चों की संख्या 3 सौ से भी ज्यादा है। इन्हें समिति द्वारा चिह्नित किया गया है तथा आंगनबाड़ी एवं सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से इनको सहारा देने का प्रयास चल रहा है। अनाथ बच्चों की तेजी से बढ़ रही संख्या के बारे पड़ताल करने पर यह बात सामने आयी कि प्रेम संबंधों की परिणति विवाह तक नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सी किशोरियां बिन ब्याही मां बन जाती हैं। इसके बाद अधिकांश मामलों में नवजात बच्चे खो देते हैं ममता की छांव।
Contact No. -- 09431156886 (Narender Agarwal)
                        09334439436 (Prince)

Sunday, November 1, 2009

सिमडेगा। -- ट्रक चालक को भूना

Nov 01, 2009
सिमडेगा। शनिवार की अहले सुबह मार्ग लुटेरों ने सिमडेगा-रांची मुख्य मार्ग स्थित कोलेबिरा घाटी में बोकारो से राउरकेला स्टील प्लांट जा रहे एक ट्रक के चालक मो. कुदुस अंसारी को गोलियों से भून डाला। चालक कुदुस का दोष सिर्फ इतना था कि उसने सड़क पर लगायी गयी कील से टायर पंचर होने के बावजूद अपनी गाड़ी को कुछ दूर तक आगे बढ़ा दिया था। चालक पर भागने की कोशिश करने का दोष मढ़ते हुए लुटेरों ने उसे गाड़ी में ही मार डाला। कोलेबिरा घाटी में मार्ग लुटेरों द्वारा किसी वाहन चालक की हत्या कर देने की यह पहली घटना है। घटना में उक्त ट्रक के खलासी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार मार्ग लुटेरों ने लूटपाट के इरादे से सरईपानी के निकट रोड पर कील गाड़ दी थी। शनिवार की सुबह करीब 4 बजे बोकारो से राउरकेला स्टील प्लांट के लिये माल लेकर जा रहा ट्रक डब्लूबी 37-5993 के पहिये कील की चपेट में आ गये और पंक्चर हो गये। चालक ने इसी स्थिति में गाड़ी को आधा किलोमीटर आगे बढा़ते हुए ट्रक को अरानी तक पहुंचाया और खड़ा कर दिया। सुबह होने का इंतजार करते हुए चालक ट्रक में ही लेट गया। इसी बीच पीछा करते हुए लुटेरे वहां पहुंचे और चालक पर भड़कते हुए पैसे मांगे तथा देर करने पर उसे गोलियों से भून दिया। इसी बीच मौका पाकर ट्रक का खलासी मोख्तार अंसारी वहां से भाग निकला और बस्ती पहुंचकर अपनी जान बचाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत चालक कुदुस बोकारो जिले के गोपालपुर गांव का निवासी था। ट्रक मुरी निवासी जयंत सिंह का है। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में कर लिया और अपराधियों की खोज शुरू कर दी। मृतक के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल भेजकर कराया गया। जानकारी के अनुसार शव से तीन गोलियां निकाली गयी। मामले में सह चालक के बयान पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

(सिमडेगा) -- बाल-बाल बची गरीब रथ व एलेप्पी एक्स

Oct 29, 2009 


बानो (सिमडेगा) । बुधवार की सुबह भयंकर हादसा होते-होते रह गया। सिमडेगा जिले के बानो के समीप महाबुआंग स्टेशन से कुछ दूरी पर रेलपटरी के नीचे उग्रवादियों द्वारा रखे 15 किलो के शक्तिशाली बम के ऊपर से गरीब रथ व एलेप्पी एक्सप्रेस गुजर गई लेकिन बम नहीं फटा। अन्यथा एक बड़े हादसे का गवाह बन जाता सिमडेगा जिला। बताया गया है कि भुवनेश्वर से हटिया जा रही गरीब रथ और धनबाद जा रही एलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस पर सवार हजारों यात्री खुशकिस्मत थे कि रेल पटरी के नीचे रखा केन बम नहीं फटा और दोनों ट्रेनें सुरक्षित आगे बढ़ गई। पटरी के नीचे केन बम की सूचना पर हटिया की ओर जा रही तपस्विनी एक्सप्रेस करीब चार घंटे तक बानो रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। हटिया-राउरकेला रेलखंड पर बानो रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित महाबुआंग स्टेशन के आगे दक्षिण केबिन के पास उग्रवादियों द्वारा पटरी के नीचे केन बम फिट किया गया था। बम को निष्क्रिय करने रांची से स्पेशल ट्रेन से वहां पहुंचे बम निरोधक दस्ते के अनुसार केन बम संयोगवश फ्यूज कर गया था। यदि यह बम फटता तो रेल की तबाही के साथ करीब तीन किलोमीटर का दायरा थर्रा उठता। घटनास्थल पर पहुंचे डीआरएम बीके अग्रवाल ने कहा कि पटरी के नीचे केन बम मिलने की घटना गंभीर है तथा इसे समय रहते नहीं देख पाने के लिए उनका विभाग यात्रियों से खेद प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना फिर न हो, इसके लिए रेलवे समुचित प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए उक्त लाइन पर पेट्रोलिंग ट्रेन चलाई गई थी, किंतु अंधेरे के कारण रेलकर्मी केन बम को नहीं देख पाए। इधर बुधवार की सुबह 8.50 बजे रेलकर्मियों के द्वारा उक्त बम को देखे जाने के बाद रेलों का परिचालन रोक दिया गया। हटिया की ओर जा रही तपस्विनी एक्सप्रेस करीब चार घंटे तक बानो रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। स्टेशन में भोजन-पानी की कोई व्यवस्था नहीं रहने से यात्री परेशान रहे। इधर जिला पुलिस ने रेल पटरी के नीचे केन बम लगाए जाने की कार्रवाई में भाकपा माओवादियों का हाथ बताया है। एसपी दुर्गा उरांव ने कहा कि पुलिस ने उक्त क्षेत्र में सर्च आपरेशन शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि महाबुआंग रेलवे स्टेशन के साउथ होम सिग्नल 511/14 के निकट पैकिंग मशीन पर सवार होकर पटरी पर बोल्डर पैकिंग कर रहे रेलकर्मियों को अचानक पटरी के नीचे केन बम दिखा था। पैकिंग कर रहे दिवाकर, प्रभात गोप, चंचल महतो, एसएस पाणी, मोहन लाल और संजय नामक रेलकर्मी बम से महज तीन मीटर की दूरी पर थे। बम देखते ही तीनों चिल्ला उठे और तुरंत महाबुआंग रेलवे स्टेशन को सूचना दी। इस समय सुबह के करीब 9 बज रहे थे। सुबह 5.45 बजे गरीब रथ ट्रेन तथा 7.20 बजे एलप्पी धनबाद एक्सप्रेस इस स्थान से गुजर चुकी थी। बम फटने से होने वाली तबाही को सोचकर रेलकर्मी कांप गए थे। सूचना मिलने पर रांची से चली स्पेशल ट्रेन में 12.55 बजे डीआरएम श्री अग्रवाल, वरिष्ठ रेल मंडल सुरक्षा प्रबंधक संतोष कुमार दूबे, सीनियर डीटीएम प्रभात रंजन, आरपीएफ बानो के ओसी जेएन सिंह आदि अधिकारी बम निरोधक दस्ते के साथ वहां पहुंचे। इधर से बानो व कोलेबिरा पुलिस भी वहां पहुंची। करीब आधे घंटे में दस्ते ने बम को पटरी के नीचे से निकाला और इसे निष्क्रिय कर दिया।

सिमडेगा उपाध्यक्ष ने किया छठ घाट का निरीक्षण


सिमडेगा। छठ पर्व को लेकर नगर पंचायत द्वारा जिला मुख्यालय स्थित छठ तालाब का साफ-सफाई कराया जा रहा है। बुधवार को नगर पंचायत उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने तालाब का निरीक्षण कर साफ सफाई का जायजा लिया। उन्होंने नपं कर्मियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के सुविधा का खास ख्याल रखा जाए। उन्होंने तालाब सहित आसपास के जगहों को सही तरीके से साफ करने को कहा। दर्जन भर मजदूरों द्वारा किये जा रहे सफाई कार्य से उपाध्यक्ष संतुष्ट दिखे। श्री अग्रवाल ने कर्मियों को निर्देश दिया कि पर्व को लेकर विद्युत प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था की जाए।

खंडवा बाबा रामरेखा पहुंचे, भक्तों को दिया आशीर्वाद

Oct 23, 2009
सिमडेगा। महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी खंडवा बाबा ने गुरुवार को रामरेखा धाम में पूजा अर्चना की। खंडवा से आए स्वामी जी ने गुरुवार की प्रात: रामरेखा धाम में जा भगवान की पूजा अर्चना की। रामरेखा में पूजन के बाद स्वामी जी ने कुलुकेरा स्थित रामजानकी मंदिर में पूजा अर्चना की। कुलुकेरा में श्रद्धालुओं को उपदेश देते हुए स्वामी जी ने कहा कि रामरेखा बाबा साक्षात भगवान का रूप थे। जो व्यक्ति उनके जीवन का अनुकरण करेगा उसे किसी शास्त्र के अध्ययन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा ने इस क्षेत्र में जो संस्कार दिये हैं उसे नहीं भुलाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने संस्कृति एवं धर्म की रक्षा का आग्रह किया। इससे पूर्व स्वामी जी का स्वागत पारंपरिक तरीके से गाजे-बाजे के साथ धूमधाम के साथ किया गया। कुलुकेरा स्थित मंदिर में सेवा देने वाले व्यक्ति एवं पुजारियों को स्वामी जी ने चादर दे सम्मानित किया।

भक्तों ने भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया ( chaat puja )

Oct 25, 2009
सिमडेगा। आस्था, पवित्रता व शुचिता के महान पर्व छठ के अवसर पर जिले भर के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला मुख्यालय के करीब स्थित शंख नदी छठ घाट पर सबसे ज्यादा छठ व्रती पहुंचे और भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया। यहां नदी तट पर चारों ओर फैले हजारों श्रद्धालु आस्था का विहंगम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। छठ तालाब एवं प्रिंस चौक स्थित नवज्योति पूजा पंडाल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने छठी मइया का पूजन किया।

डायन का आरोप लगा विधवा की हत्या


Oct 21, 2009
सिमडेगा। सदर थाना क्षेत्र के तामड़ा कुम्हारटोली गांव में डायन बिसाही का आरोप लगा एक विधवा की नृशंस हत्या अज्ञात हत्यारों ने कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गांव की रुकमनी देवी (60) रविवार की शाम 7 बजे घर से गांव में ही रहने वाली अपनी बहन के यहां जाने के लिये निकली थी। इसी बीच अज्ञात लोगों ने उसकी हत्या कान में लोहे की रड घुसाकर कर दी तथा शव को गांव में स्थित नहर के निकट फेंक दिया। इधर सोमवार की प्रात: महिला का शव ग्रामीणों ने देखा। इसकी जानकारी सदर पुलिस को दी गयी। पुलिस घटनास्थल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में कर अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जहां चिकित्सकों ने शव का अंत्यपरीक्षण कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। एसडीपीओ वरूण कुमार ने कहा कि महिला की हत्या डायन के आरोप में की गयी है तथा एक-दो दिनों में हत्यारों का पता लगा लिया जाएगा। पुलिस अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करके अनुसंधान कर रही है।

सिमडेगा में हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी दीपावली


सिमडेगा। जिले भर में दीपों का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय में श्रद्धालुओं ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों को दीपों, फूल मालाओं व विद्युत झालरों से सजाया था। शहर में हर ओर हो रही आतिशबाजी से आसमान चकाचौंध था तथा पटाखों की धमक सुनाई पड़ रही थी। इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों में पूजन किया एवं महालक्ष्मी व श्रीगणेश भगवान से सुख शांति व समृद्धि की कामना की। शहर के हरिपुर, ढेबरग्राम व झुग्गी झोपड़ी इलाकों में भी गरीबों ने अपनी सामर्थ के अनुसार दीपावली मनायी। शहर के मुख्य पथ पर दोनों ओर लोगों ने अपनी दुकानों को आम के पत्तों, केले के स्तंभों व गेंदा फूल की लडि़यों से सुंदर ढंग से सजाया था। लोगों ने दुकान के सामने लकड़ी व पाइप से स्टैंड बनाकर दीपक सजाए थे। दीपों की रोशनी में पूरा शहर जगमगा रहा था। लोगों ने अपने घरों में पूजन का कार्य करने के बाद एक दूसरे के यहां जाकर दीपावली की बधाइयां दी तथा बड़ों से आशीर्वाद लिया। हिन्दू समुदाय के साथ-साथ अन्य संप्रदाय के लोग भी दीपावली की खुशियां मनाते देखे गये।

रामरेखा मेले की तैयारी के लिये प्रशासन ने की बैठक

Oct 20,2009
सिमडेगा। सोमवार को समाहरणालय में एक बैठक का आयोजन करके रामरेखा मेले की तैयारी के बारे प्रशासन ने रामरेखा धाम समिति के साथ विचार विमर्श किया। उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में धाम समिति के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल एवं सचिव अमरनाथ बामलिया ने इस बात को प्रमुखता से उठाया कि बैठक में लिये गये निर्णयों का कार्यान्वयन विभागीय अधिकारी मेले के दौरान नहीं करते हैं। इसपर उपायुक्त ने मेले के दौरान प्रशासन से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। चर्चा के बाद निर्णय हुआ कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मेले में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा प्रखंड प्रशासन मेले तक का पहुंच पथ दुरुस्त करेगा। गुमला व छत्तीसगढ़ की ओर से धाम तक पहुंचने वाली सड़कों को दुरुस्त करने के लिये उक्त दोनों स्थानों के प्रशासन को पत्र लिखने के अलावा मेले के दौरान क्षेत्र में शराबबंदी कराने का निर्णय लिया गया।

Thursday, October 1, 2009

Gandhi Jayanti


Gandhi Jayanti is a national holiday celebrated in India to mark the occasion of the birthday of Mahatma Gandhi, the "Father of the Nation"...Mohandas Karamchand Gandhi (2 October 1869 – 30 January 1948) was the pre-eminent political and spiritual leader of India during the Indian independence movement.Gandhi Jayanti celebrated on October 2, every year. It is one of the three official declared National Holidays of India and is observed in all its states and union territories. The United Nations General Assembly announced on 15 June 2007 that it adopted a resolution which declared that October 2 will be celebrated as the International Day of Non-Violence.

Wednesday, September 30, 2009

सौहार्द और उल्लास के साथ मना दशहरा

Sep 30, 2009

सिमडेगा। जिले भर में दुर्गा पूजा व दशहरा का पर्व शांति सौहार्द और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यालय में सजे सात पूजा पंडालों तथा गरजा पंडाल की प्रतिमाएं सोमवार की शाम ट्रकों पर सजाकर मुख्य पथ पर लायी गयी तथा विसर्जन शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। उत्साही युवा नाचते गाते चल रहे थे। विसर्जन शोभायात्रा के आगे-आगे दुर्गा पूजा समन्वय समिति के अध्यक्ष, सचिव व अन्य पदाधिकारी अपने विशेष वेशभूषा व गुलाबी पगड़ी में सजे लोगों के आकर्षण का केन्द्र थे। अब्दुल मन्नान उर्फ बारूद वाले बाबा ने अपने परिवार के द्वारा दशकों से चलायी जा रही सौहार्द की गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए अपने प्रतिष्ठान के बाहर निकलकर मां दुर्गे की शोभायात्रा का स्वागत किया। उन्होंने माता के स्वागत में फुलझड़ी व रोशनी से मार्ग को चकाचौंध कर दिया। पूरे शहर की परिक्रमा करने के बाद मध्य रात्रि में बड़ा तालाब में मां दुर्गे व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं वैदिक मंत्रोच्चार व जयजयकार के बीच विसर्जित कर दी गयी। विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस निरीक्षक सतनजीव झा के नेतृत्व में पुलिस बल साथ चल रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था तथा दुर्घटना से बचाव के लिये बिजली आपूर्ति काटकर रखी गयी थी। दुर्गा पूजा के दौरान नवयुवक संघ उपर बाजार तथा प्रिंस चौक में जागरण सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लोगों ने रामजानकी मंदिर में लगाये गये कैंटीन का भी जमकर मजा लिया।

Sunday, September 27, 2009

Durga Puja " Dashara "


For Bengalis, this is the biggest festival of the year. Today, the last day of the five-day event, is called “Bijoya Dashimi.” Mother Durga, who had come with her children (Saraswati, Lakshmi, Ganesh, and Kartik) to visit her parents, departs today. For five days her idols had been worshiped and today the idols will be given back to the earth from which they were made.

The origins of this festival are varied. Here’s one. The story goes that there was this guy called Mahishashur who because of his great devotion to Shiva, was granted a boon by Shiva that he could never be killed by any man or god. Shiva does crazy stuff like that. So Mahishashur became a bit of a nuisance, tormenting the gods etc. So then the gods in desperation presented their case to the supreme three — Brahma, Vishnu, and Shiva. Yes Shiva, the same guy who gave Mahishashur the power in the first place, is part of the trinity. The three agreed that something had to be done. So the invoked Shakti. Shakti is the ultimate power that underlies the whole of creation. It is also the female principle; Shiva is the male principle. Thus came Goddess Durga the fierce incarnation or avatar of Shakti and she confronted Mahishashur and defeated him. Durga is also referred to as “Mahishashur-mardini,” the slayer of Mahishashur. In Bengali iconography, Durga is depicted with ten arms, each holding a specialized instrument, riding a lion and piercing the heart of the demon Mahishashur with her lance. It is the same old story of good defeating evil.
Happy Bijoy Dashimi to all visitors of this blog.

कमालं,!!!!!!!! सभी परीक्षाओं में एक समान अंक

Sep 27, 09

सिमडेगा।  कमाल की हैं जिले के सदर प्रखंड की डुमरटोली निवासी जुड़वां बहनें। 11 मार्च 1980 को जन्मीं प्रभा व किरण सुरीन में कई ऐसी समानताएं हैं, जो किसी को भी आश्चर्य में डाल दे। दोनों बहनों ने मैट्रिक से लेकर एमए तथा बीएड तक की सभी परीक्षाओं में न केवल एक समान डिवीजन हासिल किया, बल्कि समान अंक भी अर्जित किए हैं। दोनों की हिंदी व अंग्रेजी की टाइपिंग स्पीड भी एक समान है।
गिदियोन सुरीन की पुत्री प्रभा व किरण का जीवन में एक ही उद्देश्य भी है, शिक्षिका बनकर समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाना। हालांकि रांची विश्वविद्यालय से 2007 में ही डिस्टिंक्शन के साथ बीएड करने वाली दोनों युवतियों को अब तक नौकरी नहीं मिली है।
दोनों बहनों के मैट्रिक से बीएड तक के परीक्षा परिणामों की कितनी समानता है, यह शैक्षणिक रिकार्ड देखते ही स्प्ष्ट हो जाता है। दोनों ने मैट्रिक की परीक्षा 1995 में पास की। दोनों को 51 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय श्रेणी मिला। इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई और दोनों को 60 प्रतिशत अंक मिले। 62-62 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक परीक्षा पास कीं। एमए में मामूली सा अंतर दिखा। प्रभा को जहां 59.44 प्रतिशत अंक मिले, वहीं किरण को मिला 57 प्रतिशत। दूसरी ओर, बीएड की परीक्षा में समान अंक मिले, 80-80 प्रतिशत। स्टेनोग्राफी में भी दोनों बहनों की स्पीड समान है, अंग्रेजी में 120 व हिंदी में 100 शब्द प्रति मिनट। दोनों बहनों का टाइपिंग स्पीड हिंदी में 40 व अंग्रेजी में 45 शब्द प्रति मिनट है।

Tuesday, September 22, 2009

एक माह रोजा रखने का सुंदर इनाम है ईद : मौलाना



Sep 22 09

सिमडेगा। जिला मुख्यालय एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-उल-फित्र का पर्व आपसी सौहार्द एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने ईदगाह व रजा मस्जिद में ईद की दो रकअत नमाज अदा की। पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में खास गहमा-गहमी देखी गयी। बच्चे-बूढ़े व युवा वर्ग के पुरुष नये वस्त्र पहनकर नमाज अदा करने ईदगाह पहुंचे। इस मौके पर ईदगाह में अपने तकरीर में मौलाना अशरफ ने कहा कि ईद खुशी व मुसर्रत का पैगाम लाया है। ईद शुकराने का दिन है तथा यह रमजान का बदला है। मुसलमान एक महीने तक रोजा रखते हैं। ईद के दिन उसका ईनाम मिलता है। मौलाना अशरफ ने कहा कि जब ईद उल फित्र का त्योहार आता है तो फरिश्ते तमाम रास्तों पर खड़े हो जाते हैं और कहते हैं ऐ मुसलमानों अपने रब की तरफ चलो वह बड़ा करम करने वाला है। उन्होंने कहा कि ईद मशावत बराबरी का नाम है ताकि इंसान सबक ले कि जब खुदा गरीबों को हमसे अलग देखना नहीं चाहता तो हम किस बिना पर गरीबों के साथ भेदभाव करते हैं। मौलाना ने कहा कि ईद एक ऐसा त्योहार है जो दुश्मन को दोस्त बना देता है और दुश्मन से सारे गिले शिकवा खत्म करके सब गले मिलकर आपसी भेदभाव को दूर करते हैं। मौलाना अशरफ ने कहा कि अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है कि अगर जमीन पर ताकत हासिल करके नमाज कायम करोगे, जकआत दोगे और नेकियां फरमाओगे तब मैं तुम्हारा मददगार हूंगा। रजा मस्जिद में मौलाना रौशनुल कादरी ने कहा कि ईद के दिन रोजा रखना हराम है। ईद अल्लाह की सुकराने का खास नेमअत का दिन है। इस दिन बंदे पर खुदा का खास ईनाम होता है। उन्होंने कहा कि इस रोज जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं। नेकी के फरिश्ते दुनिया के चारों ओर फैल जाते हैं। इधर नमाज अदा करने के बाद पेश ए इमाम द्वारा खुदबा पढ़ा गया। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाईयां दी।

Sunday, September 20, 2009

प्रगति के संकल्प के साथ मनी महाराज अग्रसेन की जयंती


Sep 19
सिमडेगा। अग्रवाल समाज के प्रवर्तक महाराज अग्रसेन की जयंती यहां धूमधाम से मनायी गयी। जयंती के मौके पर अग्रवाल समाज के सदस्य एक पखवाड़े से विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे थे तथा शनिवार को दिनभर कई कार्यक्रमों के आयोजन के साथ-साथ महाराज अग्रसेन की पूजा अर्चना की गयी। अग्रवाल समाज के लोगों ने समय के साथ जरूरी बदलाव एवं प्रगति का संकल्प लेते हुए उत्साहपूर्वक जयंती मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एसडीपीओ वरूण कुमार उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री कुमार ने कहा कि अपने समाज के जन्मदाता की जयंती के अवसर पर समाज को आगे बढ़ाने एवं बुराईयों को मिटाने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा एवं अन्य परोपकारी कार्यो में अग्रवाल बंधुओं का योगदान सदियों से रहा है। बदलते समय के साथ इस समाज के लोग भी तेजी से अपना विकास कर रहे हैं, यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी क्षेत्रों में अग्रवाल युवक-युवतियां अपना योगदान दे रहे हैं। इससे पूर्व जयंती समारोह में अग्रवाल युवाओं ने अग्रवाल समाज में नारी सशक्तिकरण विषय पर अपने विचार रखे। सशक्तिकरण के लिये शिक्षा, उद्यमिता, जागरूकता एवं जजबा को जरूरी बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि अग्रवाल समाज में महिलाएं तेजी से सशक्त होकर अपने पैरों पर खड़ा हो रही हैं। कार्यक्रम में नगर पंचायत के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

Wednesday, September 16, 2009

स्वाईन फ्लू से निपटने के लिये प्रशासन ने कसी कमर

Sep 14, 2009

सिमडेगा। स्वाईन फ्लू को ले एक बैठक का आयोजन सोमवार को उपायुक्त के आवासीय कार्यालय कक्ष में हुई। उपायुक्त अबु बकर सिद्दीक की अध्यक्षता में आयोजित उक्त बैठक में स्वाईन फ्लू से निपटने के लिये आवश्यक तैयारी करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सिविल सर्जन डा. रामेश्वर महतो ने बताया कि जिले में अबतक स्वाईन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला है तथा इससे निपटने के लिये उनके पास समुचित दवाएं उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू जांच के लिये राज्य द्वारा दो कीट जिले को उपलब्ध कराया गया है। बैठक में उपायुक्त श्री सिद्दीक ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इससे बचाव के लिये जिले में जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा इसे लेकर 16 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक एवं 19 सितंबर को प्रशासनिक अधिकारियों के लिये कार्यशाला का आयोजन करने का निर्णय बैठक में लिया गया। उपायुक्त ने प्रखंड स्तर पर भी अधिकारियों को जागरूक करने का निर्देश दिया।